Category Archives: योजनाएँ

राज्यकीय योजना

केंद्रीय प्रायोजित ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम

केन्द्र द्वारा वित्त पोषित ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के अन्तर्गत सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रो में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को प्रोत्साहन स्वरूप आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हुए व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया जाता है। योजना का क्रियान्वयन वर्ष 1999-2000 में चार जनपदों से प्रारम्भ होकर वर्तमान में समस्त जनपदों में किया जा रहा है। अभियान का संचालन जनपद स्तर पर जिला पंचायत के नियन्त्रणाधीन जिला स्वच्छता समिति द्वारा किया जाता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में प्रभावी जागरूकता कार्यक्र मों द्वारा सर्वप्रथम व्यक्तिगत शौचालयों की मांग का सृजन किया जाना है ताकि शौचालयों के निर्माण के उपरान्त उनका उपयोग हो तथा व्यक्तियों में स्वच्छ आदतें भी विकसित हों।

केंद्रीय प्रायोजित ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम

हैण्डपम्पों की मरम्मत डा0 अम्बेडकर ग्राम विकास योजना

बहुउद्देशिये पंचायत भवनों का निर्माण

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के अन्तर्गत निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियो का प्रशिक्षण

पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि

केंद्र योजना

कृषि भारत की कुल जनसंख्या के 58.4% से अधिक लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है। देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भी कृषि का योगदान लगभग पांचवें हिस्से के बराबर है। कुल निर्यात का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा कृषि से प्राप्त होता है और यह अनेक उद्योगों के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध कराता है। अस्थिर और कम विकास दर और देश के अनेक हिस्सों में कृषि संकट न केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि राष्ट्र के रूप में आर्थिक विकास के लिए कृषि महत्वपूर्ण है।

इस खंड में सरकार की योजनाओं और नीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक दिए गए हैं। इसके अलावा अनेक ऐसी चीजें दी गई हैं जो कृषक समुदायों और कृषि पर निर्भर अन्य लोगों के लिए लाभकारी होंगी।

कृषि उत्पादन योजनाएं

फसल विकास योजनाएं

  • गेहूं की फसल पर आधारित समेकित अनाज विकास कार्यक्रम
  • चावल की फसल पर आधारित समन्वित अनाज विकास कार्यक्रम
  • मोटे अनाजों पर आधारित समेकित विकास कार्यक्रम, क्षेत्र के आधार
  • गन्ना फसल के सतत विकास के लिए, फसल आधारित प्रणाली
  • जूट के लिए विशेष विकास कार्यक्रम को नौंवी योजना के दौरान लागू किया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2000 में कृषि को आर्थिक मंच में शामिल कर लिया गया, जिससे राज्य सरकारों को काफी सुविधा प्राप्त हुई। इन कार्यक्रमों को लागू करने के लिए राज्यों को उनकी जरूरतों के हिसाब से सहायता भी दी गई।

http://bharat.gov.in/sectors/agriculture/index.php